दिल्ली में 17 दिन डिजिटल अरेस्ट रहे बुजुर्ग कपल: ₹15 करोड़ गंवाए; ठगों ने टेलीकॉम आधिकारी बनकर कहा- आपके अकाउंट में ब्लैक मनी मिला है News Junction

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पीड़ित कपल, डॉ. ओम तनेजा और उनकी पत्नी डॉ. इंदिरा तनेजा ने लगभग 48 साल अमेरिका में बिताए थे।

दिल्ली में एक बुजुर्ग NRI दंपती से ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर 14 करोड़ रुपए की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, ठगों ने खुद को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) का अधिकारी बताकर वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस ने बताया कि 77 वर्षीय NRI महिला, जो ग्रेटर कैलाश-2 की रहने वाली हैं, ने शिकायत दर्ज कराई है। यह घटना 24 दिसंबर 2025 से 9 जनवरी 2026 के बीच हुई। महिला के मुताबिक, उन्हें एक कॉल आया, जिसमें कॉलर ने दावा किया कि उनके मोबाइल नंबर से आपत्तिजनक कॉल की गई हैं। साथ ही यह भी कहा गया कि उनके बैंक खातों में काला धन पाया गया है और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच चल रही है।

पुलिस के अनुसार, ठगों ने तत्काल कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर महिला को डराया और लगातार मानसिक दबाव बनाए रखा। इस तरीके को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कहा जाता है। कई कॉल के दौरान ठगों ने अलग-अलग बैंक खातों की जानकारी दी और RTGS के जरिए पैसे ट्रांसफर करने को कहा। महिला ने उनके निर्देश पर कुल 14 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर दिए।

पीड़िता डॉ. इंद्रा तनेजा ने ANI से कहा कि पुलिस के पास जाने के बाद ही उन्हें ठगी का पता चला। वहीं, उनके पति डॉ. ओम तनेजा ने बताया कि ठगों के पास उनकी निजी जानकारी थी, जिससे वे डर के कारण बातों में आ गए।

महिला ने राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई है और वकील की मौजूदगी में विस्तृत शिकायत देने के लिए समय मांगा है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, लिखित शिकायत मिलने पर मामला साइबर क्राइम यूनिट/IFSO को भेजा जाएगा। IFSO यूनिट ने इस मामले में FIR दर्ज कर ली है।

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